'विमला ने कहा कि गोविन्द अब स्वस्थ है।' यह वाक्य भेद की दृष्टि से है-
UPPCS · 6871 questions
'विमला ने कहा कि गोविन्द अब स्वस्थ है।' यह वाक्य भेद की दृष्टि से है-
संस्कृत और प्राकृत से विकृत होकर हिन्दी में आये हुए शब्दों को क्या कहते हैं?
'पाठक' का बहुवचन रूप होगा-
इनमें से कौन-सा वाक्य अशुद्ध है?
शब्दार्थ का सही युग्म नहीं है।
निम्नलिखित में से किस विकल्प में महाप्राण ध्वनियाँ हैं?
'ऊ हमरा के खेलही ना देत रहे' यह इनमें से किस बोली का उदाहरण है?
'चरमोत्कर्ष' शब्द का सन्धि-विच्छेद है
झाँसी क्षेत्र में कौन-सी बोली बोली जाती है?
मुहावरा तथा उसके सम्मुख लिखे अर्थ का कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए तथा प्रश्न संख्या 21 से 25 तक के उत्तर इस गद्यांश के आधार पर ही दीजिए। बड़े-बड़े उत्थान और बड़ी-बड़ी क्रान्तियाँ प्रायः भाषा के सहारे ही होती हैं। भाषा ही लोगों को बहकाकर मनुष्यत्व की सीमा से निकालकर हिंसक पशुओं तक के वर्ग में ले जाती है और भाषा ही उन्हें कुमार्ग से हटाकर सन्मार्ग पर लाती है और पाप से विमुख करके पुण्य कार्यों में लगाती है। भाषा की शक्ति अपरिमित और अमोघ है। अच्छी भाषा में जादू का असर, संगीत का माधुर्य और तलवार की शक्ति होती है। इसीलिए अंग्रेजी में एक कहावत -सी बन गयी है, जिसका आशय है- तलवार से भी बढ़कर शक्तिशालिनी कलम है। इस कथन में 'कलम' लिखित भाषा की प्रतीकात्मा है। हमारे यहाँ तो उसे और भी अधिक ऊँचा स्थान दिया गया है। हम उसे सरस्वती देवी का रूप मानते हैं। अतः जो लोग बड़े बनना चाहते हों, या बड़े काम करना चाहते हों, उन्हें पहले अपनी भाषा की ओर ध्यान देना चाहिए। प्रश्न: बड़ी-बड़ी क्रान्तियाँ प्रायः किसके सहारे ही होती हैं?
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए तथा प्रश्न संख्या 21 से 25 तक के उत्तर इस गद्यांश के आधार पर ही दीजिए। बड़े-बड़े उत्थान और बड़ी-बड़ी क्रान्तियाँ प्रायः भाषा के सहारे ही होती हैं। भाषा ही लोगों को बहकाकर मनुष्यत्व की सीमा से निकालकर हिंसक पशुओं तक के वर्ग में ले जाती है और भाषा ही उन्हें कुमार्ग से हटाकर सन्मार्ग पर लाती है और पाप से विमुख करके पुण्य कार्यों में लगाती है। भाषा की शक्ति अपरिमित और अमोघ है। अच्छी भाषा में जादू का असर, संगीत का माधुर्य और तलवार की शक्ति होती है। इसीलिए अंग्रेजी में एक कहावत -सी बन गयी है, जिसका आशय है- तलवार से भी बढ़कर शक्तिशालिनी कलम है। इस कथन में 'कलम' लिखित भाषा की प्रतीकात्मा है। हमारे यहाँ तो उसे और भी अधिक ऊँचा स्थान दिया गया है। हम उसे सरस्वती देवी का रूप मानते हैं। अतः जो लोग बड़े बनना चाहते हों, या बड़े काम करना चाहते हों, उन्हें पहले अपनी भाषा की ओर ध्यान देना चाहिए। प्रश्न: हम किसे सरस्वती देवी का रूप मानते हैं?
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए तथा प्रश्न संख्या 21 से 25 तक के उत्तर इस गद्यांश के आधार पर ही दीजिए। बड़े-बड़े उत्थान और बड़ी-बड़ी क्रान्तियाँ प्रायः भाषा के सहारे ही होती हैं। भाषा ही लोगों को बहकाकर मनुष्यत्व की सीमा से निकालकर हिंसक पशुओं तक के वर्ग में ले जाती है और भाषा ही उन्हें कुमार्ग से हटाकर सन्मार्ग पर लाती है और पाप से विमुख करके पुण्य कार्यों में लगाती है। भाषा की शक्ति अपरिमित और अमोघ है। अच्छी भाषा में जादू का असर, संगीत का माधुर्य और तलवार की शक्ति होती है। इसीलिए अंग्रेजी में एक कहावत -सी बन गयी है, जिसका आशय है- तलवार से भी बढ़कर शक्तिशालिनी कलम है। इस कथन में 'कलम' लिखित भाषा की प्रतीकात्मा है। हमारे यहाँ तो उसे और भी अधिक ऊँचा स्थान दिया गया है। हम उसे सरस्वती देवी का रूप मानते हैं। अतः जो लोग बड़े बनना चाहते हों, या बड़े काम करना चाहते हों, उन्हें पहले अपनी भाषा की ओर ध्यान देना चाहिए। प्रश्न: तलवार से भी बढ़कर शक्तिशालिनी है-
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए तथा प्रश्न संख्या 21 से 25 तक के उत्तर इस गद्यांश के आधार पर ही दीजिए। बड़े-बड़े उत्थान और बड़ी-बड़ी क्रान्तियाँ प्रायः भाषा के सहारे ही होती हैं। भाषा ही लोगों को बहकाकर मनुष्यत्व की सीमा से निकालकर हिंसक पशुओं तक के वर्ग में ले जाती है और भाषा ही उन्हें कुमार्ग से हटाकर सन्मार्ग पर लाती है और पाप से विमुख करके पुण्य कार्यों में लगाती है। भाषा की शक्ति अपरिमित और अमोघ है। अच्छी भाषा में जादू का असर, संगीत का माधुर्य और तलवार की शक्ति होती है। इसीलिए अंग्रेजी में एक कहावत -सी बन गयी है, जिसका आशय है- तलवार से भी बढ़कर शक्तिशालिनी कलम है। इस कथन में 'कलम' लिखित भाषा की प्रतीकात्मा है। हमारे यहाँ तो उसे और भी अधिक ऊँचा स्थान दिया गया है। हम उसे सरस्वती देवी का रूप मानते हैं। अतः जो लोग बड़े बनना चाहते हों, या बड़े काम करना चाहते हों, उन्हें पहले अपनी भाषा की ओर ध्यान देना चाहिए। प्रश्न: भाषा की शक्ति है-
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए तथा प्रश्न संख्या 21 से 25 तक के उत्तर इस गद्यांश के आधार पर ही दीजिए। बड़े-बड़े उत्थान और बड़ी-बड़ी क्रान्तियाँ प्रायः भाषा के सहारे ही होती हैं। भाषा ही लोगों को बहकाकर मनुष्यत्व की सीमा से निकालकर हिंसक पशुओं तक के वर्ग में ले जाती है और भाषा ही उन्हें कुमार्ग से हटाकर सन्मार्ग पर लाती है और पाप से विमुख करके पुण्य कार्यों में लगाती है। भाषा की शक्ति अपरिमित और अमोघ है। अच्छी भाषा में जादू का असर, संगीत का माधुर्य और तलवार की शक्ति होती है। इसीलिए अंग्रेजी में एक कहावत -सी बन गयी है, जिसका आशय है- तलवार से भी बढ़कर शक्तिशालिनी कलम है। इस कथन में 'कलम' लिखित भाषा की प्रतीकात्मा है। हमारे यहाँ तो उसे और भी अधिक ऊँचा स्थान दिया गया है। हम उसे सरस्वती देवी का रूप मानते हैं। अतः जो लोग बड़े बनना चाहते हों, या बड़े काम करना चाहते हों, उन्हें पहले अपनी भाषा की ओर ध्यान देना चाहिए। प्रश्न: अच्छी भाषा में नहीं है-
Identify the correct spelling from the options given below.
Select the most appropriate option for the following sentence. She wrote this article ______ her holiday.
Complete the sentence with proper preposition. We usually finish work early ______ Fridays.
Choose the correct active form of the sentence. They were seen to go out.
Choose the correct preposition for given blank in the idiom. Cry ______ split milk.